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Cricket News: ऋषभ पंत ने गिलक्रिस्ट को छोड़ा पीछे, टेस्ट में 101 छक्कों के साथ बने नंबर-3

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | कोलंबो टेस्ट में ऋषभ पंत ने 101वां छक्का लगाकर एडम गिलक्रिस्ट को पीछे छोड़ दिया। अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्कों के मामले में तीसरे नंबर पर हैं।

कोलंबो में पंत का फिर दिखा पावर शो, गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड टूटा; 101 छक्कों के साथ तीसरे नंबर पर पहुंचे

कोलंबो, 24 अगस्त। ऋषभ पंत के लिए श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट सिर्फ चोट से वापसी का मौका नहीं रहा, बल्कि उन्होंने मैदान पर लौटते ही टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में एक और बड़ी लकीर खींच दी। कोलंबो के एसएससी मैदान पर पंत ने ऐसा छक्का लगाया, जिसने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट से आगे पहुंचा दिया।

पंत के टेस्ट क्रिकेट में अब 101 छक्के हो गए हैं। इसके साथ ही वह टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में उनसे आगे न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम और इंग्लैंड के बेन स्टोक्स हैं। गिलक्रिस्ट के नाम 100 टेस्ट छक्के रहे।

यह उपलब्धि पंत ने ऐसे समय हासिल की, जब एक दिन पहले ही उनकी फिटनेस को लेकर चिंता पैदा हो गई थी। दूसरे टेस्ट के पहले दिन श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की शॉर्ट गेंद बाएं हाथ पर लगने के बाद पंत को रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा था। भारतीय बल्लेबाजी कोच ने बाद में उनके अगले दिन बल्लेबाजी करने के लिए फिट होने की उम्मीद जताई थी।

चोट के बाद मैदान पर लौटे और छक्का जड़ दिया

पंत को पहले दिन चोट लगने के बाद भारतीय प्रशंसकों की नजर इस बात पर थी कि वह दूसरी पारी में कब मैदान पर लौटेंगे। दूसरे दिन वह सारांश जैन के आउट होने के बाद दोबारा बल्लेबाजी के लिए आए और आते ही अपने पुराने आक्रामक अंदाज की झलक दिखा दी।

पंत ने लाहिरू कुमारा की शॉर्ट गेंद को लेग साइड की ओर हवा में भेज दिया। गेंद इतनी ताकत से निकली कि स्टेडियम की छत पर लगे सोलर पैनल को भी नुकसान पहुंचा। रिपोर्टों के मुताबिक यह छक्का करीब 95 मीटर का था।

यानी जिस गेंदबाज की बाउंसर से पंत को एक दिन पहले चोट लगी थी, उसी के खिलाफ उन्होंने अगले दिन अपने बल्ले से जोरदार जवाब दिया।

101 छक्कों के साथ गिलक्रिस्ट से आगे

पंत ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों का आंकड़ा पहले ही छू लिया था। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी। उस समय वह टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने थे और सबसे कम पारियों में इस मुकाम तक पहुंचने का रिकॉर्ड भी बनाया था।

अब कोलंबो में एक और छक्का लगाकर उन्होंने गिलक्रिस्ट को पीछे छोड़ दिया।

गिलक्रिस्ट ने अपने टेस्ट करियर में 100 छक्के लगाए थे। पंत ने 101वां छक्का लगाते ही इस आंकड़े को पार कर लिया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही बल्लेबाज विकेटकीपर होने के साथ-साथ अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज के लिए पहचाने जाते रहे हैं।

टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्कों की रेस

पंत के आगे अब सिर्फ दो बल्लेबाज हैं। इंग्लैंड के बेन स्टोक्स 138 छक्कों के साथ इस सूची में सबसे ऊपर हैं, जबकि न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम 107 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

पंत के नाम 101 छक्के हो चुके हैं। इसका मतलब है कि मैकुलम के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें अब सिर्फ 6 और छक्के चाहिए।

वहीं स्टोक्स के 138 छक्कों के आंकड़े तक पहुंचने के लिए पंत को 37 और छक्के लगाने होंगे।

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के

138 — बेन स्टोक्स

107 — ब्रेंडन मैकुलम

101 — ऋषभ पंत

100 — एडम गिलक्रिस्ट

98 — क्रिस गेल

98 — टिम साउदी

97 — जैक्स कैलिस

91 — वीरेंद्र सहवाग

पंत अब इस सूची में मौजूद एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं। वीरेंद्र सहवाग 91 छक्कों के साथ भारतीय बल्लेबाजों में उनके बाद आते हैं।

पंत का टेस्ट क्रिकेट में अलग अंदाज

टेस्ट क्रिकेट को आमतौर पर धैर्य, तकनीक और लंबी पारी का प्रारूप माना जाता है। लेकिन पंत ने इस प्रारूप में भी अपने आक्रामक खेल की अलग पहचान बनाई है।

उनकी बल्लेबाजी में जोखिम वाले शॉट्स जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन यही अंदाज उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से अलग भी करता है। वह गेंदबाज पर दबाव बनाने के लिए कभी भी बड़े शॉट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

100 टेस्ट छक्कों तक सबसे तेजी से पहुंचना इसी आक्रामक शैली का प्रमाण है। पंत ने यह मुकाम अपनी 89वीं टेस्ट पारी में हासिल किया था, जबकि गिलक्रिस्ट को 100 छक्कों तक पहुंचने में 130 पारियां लगी थीं।

चोट के बाद वापसी ने बढ़ाया रोमांच

कोलंबो टेस्ट में पंत की वापसी अपने आप में बड़ी खबर थी। पहले दिन चोट लगने के बाद उनके दोबारा बल्लेबाजी करने को लेकर सवाल थे। लेकिन जब वह मैदान पर लौटे तो उनकी बल्लेबाजी ने मैच का रोमांच बढ़ा दिया।

भारत के लिए यह टेस्ट सीरीज भी महत्वपूर्ण है। बीसीसीआई के अनुसार भारत और श्रीलंका के बीच 2026 में दो टेस्ट मैचों की सीरीज हो रही है और दूसरा मुकाबला 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में खेला जा रहा है।

पंत की वापसी के साथ ही भारतीय टीम को निचले क्रम में अतिरिक्त आक्रामक बल्लेबाजी की ताकत भी मिलती है।

अब मैकुलम का रिकॉर्ड निशाने पर

गिलक्रिस्ट को पीछे छोड़ने के बाद पंत के सामने अगला लक्ष्य मैकुलम हैं। दोनों के बीच अब सिर्फ छह छक्कों का अंतर रह गया है।

पंत अगर इसी अंदाज में बल्लेबाजी करते रहे तो मैकुलम के 107 छक्कों के आंकड़े तक पहुंचना उनके लिए ज्यादा दूर की बात नहीं होगी। हालांकि क्रिकेट में रिकॉर्ड कब बनेगा, यह पूरी तरह आने वाली पारियों पर निर्भर करता है।

फिलहाल इतना तय है कि पंत ने टेस्ट क्रिकेट में छक्कों के मामले में एक और बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गज विकेटकीपर को पीछे छोड़ना उनके करियर के सबसे खास आंकड़ों में शामिल हो गया है।

और सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह रिकॉर्ड उस समय बना जब पंत को एक दिन पहले चोट के कारण मैदान छोड़ना पड़ा था। चोट से वापसी, फिर छक्का और उसके साथ रिकॉर्ड—कोलंबो में पंत की यह वापसी लंबे समय तक याद की जा सकती है।

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गिलक्रिस्ट से आगे निकलना सिर्फ आंकड़ा नहीं

ऋषभ पंत और एडम गिलक्रिस्ट की तुलना अक्सर उनके आक्रामक विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी के कारण की जाती है। दोनों ने टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर की पारंपरिक भूमिका को अलग अंदाज में परिभाषित किया।

गिलक्रिस्ट के 100 टेस्ट छक्कों के आंकड़े को पार करना पंत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि काफी कम पारियों में हासिल की। पंत का टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी करने का तरीका जोखिम भरा जरूर है, लेकिन उनके आंकड़े बताते हैं कि वह इसी शैली से लगातार प्रभाव डालने में सफल रहे हैं।

अब उनके सामने मैकुलम का रिकॉर्ड है। छह छक्कों का अंतर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें क्रीज पर टिकना होगा और टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करनी होगी।

सबसे बड़ी चुनौती स्टोक्स का 138 छक्कों वाला आंकड़ा है। पंत अभी उससे काफी पीछे हैं, लेकिन उनकी उम्र और टेस्ट क्रिकेट में खेलने की शैली को देखते हुए यह बहस अभी से शुरू हो गई है कि क्या वह भविष्य में इस रिकॉर्ड को भी चुनौती दे सकते हैं।

फिलहाल पंत ने एक बात साफ कर दी है—टेस्ट क्रिकेट में भी उनके बल्ले की ताकत कम नहीं हुई है।

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